साझेदारी की छांव, जाति की दिवाले , नेवता, जजमानी और भारतीय गांवों की जटिल कहानी

सदियों पहले जंगल और गुफाओं से निकल कर मनुष्य जब छोटे-छोटे समूहों में इकट्ठा होकर रहने लगा, तब परिवार बने, फिर समुदाय और समाज बने। जिससे उसकी जरूरतें भी बढ़ने लगीं। अपने रहन-सहन और खान-पान के लिए उसे खेती करनी थी, घर बनाने थे, औजार चाहिए थे, बच्चों का पालन-पोषण करना था, बीमारियों और संकटों […]