सदियों पहले जंगल और गुफाओं से निकल कर मनुष्य जब छोटे-छोटे समूहों में इकट्ठा होकर रहने लगा, तब परिवार बने, फिर समुदाय और समाज बने। जिससे उसकी जरूरतें भी बढ़ने लगीं। अपने रहन-सहन और खान-पान के लिए उसे खेती करनी थी, घर बनाने थे, औजार चाहिए थे, बच्चों का पालन-पोषण करना था, बीमारियों और संकटों […]
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ट्राय का युद्ध
युद्ध सबसे पहले इंसानियत को मारता है, और आखिर में जीतने वाले को भी उसकी कीमत चुकानी पड़ती है…” कहानी बहुत पुरानी है, लेकिन बात आज भी नई लगती है।एक शहर था—ट्रॉय। उस पर दस साल तक युद्ध चला, लेकिन दुश्मन उसे जीत नहीं पाए। तब उन्होंने एक चाल चली। वे एक बहुत बड़ा लकड़ी […]
वीर युवा चन्द्रशेखर आजाद
ज्ञानवापी मस्जिद की पिछवाड़े वाले मैदान में आयोजित एक शाम वाली सभा में भारी भीड़ थी। यह भीड़ एक छोटे लड़के को सम्मानित करने के लिए एकत्रित हुई थी। इस लड़के ने ब्रिटिश नौकरशाही की अवज्ञा की थी, उसका मजाक उड़ाया था। लड़का इतना छोटा था की भीड़ में लोगों को दिखाई नहीं दे रहा […]
आत्मा की निर्माण
भूल-गलती बैठी है दिल के तख्त परछुपा बैठा है-मन की गहराइयों मे एक ओरांग-उटांग!जब यह प्रकट होता है-लिल जाता है हमारे अंत:करण को। “हर इंसान के अंदर एक ऐसा हिस्सा छुपा होता है जो सही सोच पर हावी होकर गलत रास्ते पर ले जाता है।” मुक्तिबोध जी का औरांग-उटांग(वनमानुष)हमारे भीतर छिपा हुआ वह आदमी हिस्सा […]
